सिख धर्म के संस्थापक
उन्होंने जपजी साहिब, आसा दी वार तथा सैकड़ों बाणियों की रचना की। उनकी रचनाओं में समानता, ईश्वर की एकता और जाति-भेद के खंडन पर बल दिया गया।
आदि ग्रंथ के संकलनकर्ता
उन्होंने आदि ग्रंथ (गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला स्वरूप) का संकलन किया। अन्य संतों की बाणियाँ जोड़कर सिख धर्मग्रंथ को एक सार्वभौमिक संदेश बना दिया।
योद्धा, कवि और दार्शनिक
उन्होंने जाप साहिब, अकाल उस्तति, ज़फ़रनामा तथा दशम ग्रंथ के कुछ भागों की रचना की। उन्होंने खालसा पहचान और ईश्वर-भक्ति को प्रेरित किया।
लिपिक एवं टीकाकार
उन्होंने वारां भाई गुरदास लिखीं, जिन्हें "गुरु ग्रंथ साहिब जी की कुंजी" माना जाता है। उन्होंने पंजाबी छंदों में सिख दर्शन को समझाया।
गुरु गोबिंद सिंह जी के दरबारी कवि
उन्होंने फ़ारसी और पंजाबी में लिखा (जैसे ज़िंदगीनामा, गंजनामा), जिनमें सिख मूल्यों और दिव्य प्रेम की प्रशंसा की गई है।
इतिहासकार एवं कवि
उन्होंने सूरज प्रकाश लिखा, जो सिख इतिहास और गुरुओं के जीवन पर एक विशाल रचना है।
इतिहासकार
उन्होंने पंथ प्रकाश लिखा, जिसमें सिख संघर्षों और सैन्य इतिहास का दस्तावेज़ीकरण किया गया है।
आधुनिक पंजाबी साहित्य के जनक
उपन्यासकार, कवि और विद्वान। उन्होंने सुंदरी जैसे उपन्यास लिखे, जिनमें सिख मूल्यों को आधुनिक शैली के साथ मिलाया गया।
दार्शनिक एवं लेखक
उन्होंने स्पिरिट ऑफ़ द सिख तथा सिख रहस्यवाद पर निबंध लिखे, जिन्होंने सिख विचारधारा को व्यापक पाठकों तक पहुँचाया।
विद्वान एवं अनुवादक
उन्होंने सिख धर्मग्रंथों का अंग्रेज़ी में अनुवाद किया और द सिख रिलिजन (6 खंड) लिखी।
उपन्यासकार एवं इतिहासकार
उन्होंने ए हिस्ट्री ऑफ़ द सिख्स (2 खंड), ट्रेन टू पाकिस्तान तथा अनेक निबंध लिखे, जिन्होंने सिख इतिहास को सुगम बनाया।
इतिहासकार
एक प्रसिद्ध इतिहासकार, जिन्होंने ज़फ़रनामा का संपादन किया और सिख शासकों की जीवनियाँ लिखीं।
कवि एवं आलोचक
झनां दी रात के लिए प्रसिद्ध, जिसमें आधुनिक काव्य के माध्यम से सिख विरासत का अन्वेषण किया गया है।