गुरुद्वारा श्री नौलखा साहिब फ़तेहगढ़ साहिब ज़िले के गाँव नौलखा में स्थित है।
श्री गुरु तेग बहादुर जी मालवा क्षेत्र की यात्रा के एक भाग के दौरान उगानी, नौलखा, जखवाली, तेहलपुरा, आकड़, लांग और चलेला से होकर गुज़रे।
गुरु तेग बहादुर के साथ माता गुजरी, माता नानकी और अन्य सिख थे।
गुरु तेग बहादुर के यहाँ ठहरने के दौरान भाई लखी शाह वंजारा नामक एक सिख का बैल खो गया। भाई लखी शाह ने मन्नत मानी कि यदि उसे अपना बैल वापस मिल गया तो वह गुरु तेग बहादुर को कुछ टके भेंट करेगा।
भाई लखी शाह को अपना बैल जंगल में मिल गया और वह नौ टके भेंट करते हुए गुरु तेग बहादुर से मिलने पहुँचा। गुरु तेग बहादुर ने टकों को छुए बिना ही संगत को भिजवा दिया।