कोरोमंडल तट पर, पुदुचेरी की संगत एक ऐसे तीर्थ में एकत्र होती है जो हर आगंतुक का प्रार्थना, लंगर और निष्काम सेवा से स्वागत करता है।
गुरुद्वारा श्री गुरु नानक देव जी
स्थान: पुदुचेरी
गुरुद्वारे में एक साधारण प्रवेश-द्वार और चारदीवारी है, जो आसपास के आवासीय परिवेश में घुलमिल जाती है।
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वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन