गुरु तेग बहादुर की यात्रा (1670): नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर, पटना साहिब से आनंदपुर साहिब की यात्रा के दौरान 1670 में लखनऊ पधारे। वे यहियागंज में तीन दिन ठहरे, ध्यान करते और अपनी शिक्षाओं का प्रसार करते रहे
गुरु गोबिंद सिंह का प्रवास (1672): दसवें सिख गुरु और खालसा के संस्थापक, गुरु गोबिंद सिंह, 1672 में लखनऊ पधारे। वे अपनी माता, माता गुजरी, और मामा कृपाल चंद के साथ यहियागंज में दो महीने से अधिक समय तक ठहरे। इस दौरान उन्होंने लखनऊ के श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से दो 'हुकमनामे' और एक 'मूल मंत्र' की रचना की