जीवन और शिक्षाएँ
गुरुओं में प्रथम और सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक थे। उनका जन्म 20 अक्तूबर 1469 को तलवंडी (अब पाकिस्तान में ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है) में हुआ। गुरु जी ने बचपन में ही पंजाबी, संस्कृत और फ़ारसी में निपुणता प्राप्त कर ली और बाल्यकाल में ही कर्मकांड, जाति-भेद, पूर्वाग्रह, पाखंड और मूर्ति-पूजा के विरुद्ध विद्रोह किया।
उन्होंने हिंदुओं और मुसलमानों को समान माना और स्वयं को न हिंदू, न मुसलमान बताया, बल्कि ईश्वर और सत्य में विश्वास रखने वाले सभी लोगों का भाई कहा। उन्होंने चार महान उदासियाँ (यात्राएँ) कीं, संपूर्ण भारत में तथा अरब और फ़ारस तक की यात्रा की; मक्का और बग़दाद भी गए। उन्होंने हिंदुओं, जैनियों, बौद्धों, पारसियों और मुसलमानों के समक्ष प्रवचन दिए।