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श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के नाम

Sri Guru Gobind Singh Ji Maharaj

हमारे प्रिय श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज को कई नामों और सम्मानजनक उपाधियों से जाना जाता है, जिनमें शामिल हैं:

• दसवें-पातशाह (गुरु साहिब दसवें गुरु हैं)

• सरबंस दानी (दयालु दाता, जिन्होंने सब कुछ बलिदान कर दिया)

• मर्द अगमरा (अतुलनीय पुरुष)

• बाजवाला (गुरु साहिब बाज रखते थे)

• नीले घोड़े दे स्वार (नीले घोड़े के सवार)

• शाह-ए-शहंशाह (सम्राटों के सम्राट)

• बर दो आलम शाह (दोनों लोकों के शासक)

• नीले घोड़े वाला (नीले घोड़े का सवार)

• कलगीधर (गुरु साहिब अपने दस्तार में कलगी धारण करते थे)

• चिट्टे बाजा वाला (श्वेत बाज़ के धारक)

• इज़्ज़द ए मंसूर - सहायता के साकार रूप

• हक़ ना गंजूर - खज़ाने (ज्ञान) के रक्षक

• जुमला फ़ैज़-ओ-नूर - प्रकाश के दाता

• हक़ हक़ आगाह - ईश्वर का मार्ग जानने वाले

• बर दोह आलम शाह - दोनों लोकों के शाह

• दुश्त-दमन - दुष्टों के संहारक

• गोबिंद राय - उनका जन्म-नाम

• गुजरी लाल - माता गुजरी जी के पुत्र

• गुरु गोबिंद सिंह - उनका आधिकारिक नाम

• दसवें/दशमेश पातशाह - दसवें सम्राट

• नानक दसवें - दसवें नानक

• महल्ला दास - दसवाँ स्वरूप

• सरबलोह सिपाही - सम्पूर्ण इस्पात में योद्धा

• पातशाह दरवेश - रहस्यवादी सम्राट

• कलगीधर पातशाह - कलगी धारण करने वाले सम्राट

• सुरमई वाले पातशाह - नौसेना रंग के सम्राट

• शाह-ए-शहंशाह - सभी शाहों के शाह

• फौजां बाजां सतगुरु - वह गुरु जो सेना का संचालन करते हैं

• पंथ दे वाली - पंथ के अपने

• दसवें पिता - दसवें पिता

• अमृत दे दाते - अमृत के दाता

• सरबंस दानी - जिन्होंने अपने परिवार का बलिदान दिया

• चिट्टे-बाजां वाला - श्वेत बाज़ के धारक

• साहिब ए कमाल - कलम के सम्मानित व्यक्ति

• खद्रम काजा का - उत्पीड़न के संहारक

• फ़ैज़-ए-अनवार - प्रकाशदाता

• कश्तिफ़ अल-अज़रार - (ईश्वर के) रहस्यों को उजागर करने वाले

• मुक़बल-ओ-मक़बूल - ईश्वर के प्रिय

• वाज़िल-ओ-मौसोल - वाहेगुरु जी के साथ रहने वाले

• तेग़ रह फत्ता - अपनी तलवार के बल पर विजयी

• साहिब-ए-इकील - वाहेगुरु जी के मुकुट के धारक

• मक़रम फ़ज़ल - दान के साकार रूप

• सरवण का ताज - सभी राजाओं के प्रमुख

• खुदा का खान - ईश्वर के योद्धा

• तख़्त-ओ-बाला ज़हर - गुरु जी का सिंहासन सबसे ऊपर है

• पूरन गुर अवतार - पूरन गुर के अवतार

• जगमग जोत बिराज रही श्री अबचल नगर मझार

• फतह हर बार - सदैव विजयी

• वहाब अल वहाब - सर्वाधिक उदार

• साहिब ए कमाल - कलम के सम्मानित व्यक्ति

• सोढी सुल्तान - सामान्यतः कम प्रयुक्त शब्द जिसका अर्थ है सोढी जाति के एक राजा।

• ज़फ़र-जंग - युद्धों के विजेता

• सुल्तान सल्तनत दहम - दसवें राज्य के सुल्तान

• सुल्तान अल अव्वल - आरंभ से अंत तक के सुल्तान

• क़ाज़ी आनंदपुर - आनंदपुर के प्रधान

• शेर आन ए फौजां - सेना के सिंह

• गफ़-ए-नूनदल सिंह - फ़ारसी में उनका नाम

• नस्सर ए मंसूर - विजय के साकार रूप

• इज़्ज़द ए मंसूर - सहायता के साकार रूप

• हक़ ना गंजूर - खज़ाने (ज्ञान) के रक्षक

• जुमला फ़ैज़-ओ-नूर - प्रकाश के दाता

• हक़ हक़ आगाह - ईश्वर का मार्ग जानने वाले

• बर दोह आलम शाह - दोनों लोकों के शाह

• खद्रम काजा का - उत्पीड़न के संहारक

• फ़ैज़-ए-अनवार - प्रकाशदाता

• कश्तिफ़ अल-अज़रार - (ईश्वर के) रहस्यों को उजागर करने वाले

• मुक़बल-ओ-मक़बूल - ईश्वर के प्रिय

सबसे बढ़कर गुरु साहिब ख़ालसा के पिता, सम्राट, और इस लोक तथा परलोक के स्वामी हैं ੴ

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