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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल
गुरुद्वारे बुरहानपुर में
मध्य प्रदेश
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

ताप्ती के तट पर, बुरहानपुर के तीन तीर्थ गुरु नानक देव जी और गुरु गोबिंद सिंह जी के दो सदियों के अंतर पर हुए आगमन के साक्षी हैं।

गुरुद्वारा श्री बड़ी संगत पातशाही दसवीं साहिब
गुरुद्वारा श्री बड़ी संगत पातशाही दसवीं साहिब
स्थान: बुरहानपुर

ताप्ती के तट पर, जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी ने वृद्ध वैरागी जीवन दास को जन्म-मरण के चक्र से मुक्त किया।

गुरुद्वारा श्री चरण कमल साहिब
गुरुद्वारा श्री चरण कमल साहिब
स्थान: जयसिंहपुरा, बुरहानपुर

जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपनी संगत और जत्थेदारों को सिख तख़्तों की देखभाल के लिए घर भेजा।

गुरुद्वारा श्री राजघाट साहिब
गुरुद्वारा श्री राजघाट साहिब
स्थान: संजय नगर, बुरहानपुर

जहाँ गुरु नानक देव जी ने ताप्ती के तट पर किले के भीतर डेरा डाला और अपने श्रद्धालु जीवन दास से भेंट की।

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वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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