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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा छेहरटा साहिब

अमृतसर — अमृतसर, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

संबद्ध - श्री गुरु अर्जन साहिब जी, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी

गुरुद्वारा श्री छेहरटा साहिब
अमृतसर
अमृतसर  ·  पंजाब

संबद्ध - श्री गुरु अर्जन साहिब जी, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी

गुरु की वडाली अमृतसर शहर से लगभग 8 किमी की दूरी पर स्थित है।

गुरु की वडाली की स्थापना श्री गुरु अर्जन साहिब जी ने अमृतसर छोड़ते समय की थी। पृथी चंद (गुरु अर्जन जी के भाई) के लगातार बुरे व्यवहार के बाद गुरु अर्जन जी ने अमृतसर छोड़ने का निर्णय लिया।

श्री गुरु अर्जन साहिब जी ने इस स्थान पर एक विशाल कुआँ बनवाया। यह कुआँ इतना बड़ा था कि इसे चलाने के लिए 6 रहट लगाने पड़े। गुरुद्वारा श्री छेहरटा साहिब का नाम इसी से पड़ा: छे (अर्थात् छह) + हरट या हरटा (अर्थात् रहट)।

जब रहट बनाया जा रहा था, तब गुरु अर्जन जी के घर पुत्र का जन्म हुआ, भविष्य के श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी। संभव है कि कुएँ में छह रहट लगने का यही कारण रहा हो। इस कुएँ ने क्षेत्र की पानी की कमी की समस्या दूर की, और आज भी यही कुआँ गुरुद्वारे को जल प्रदान करता है।

स्मृति
श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी
पता
Guru Ki Wadali, Amritsar, Punjab, India
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वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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