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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा सूलीसर साहिब

कोट धरमू — मानसा, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

गुरुद्वारा श्री सूलीसर साहिब उद्दत भगत राम और कोट धरमू गाँवों के बीच स्थित है।

गुरुद्वारा श्री सूलीसर साहिब
कोट धरमू
मानसा  ·  पंजाब

गुरुद्वारा श्री सूलीसर साहिब उद्दत भगत राम और कोट धरमू गाँवों के बीच स्थित है।

अगस्त 1665 में श्री गुरु तेग बहादुर जी आनंदपुर साहिब से भूपाल, भीखी आदि होते हुए यहाँ पहुँचे। गुरु तेग बहादुर यहाँ रुके और दीवान सजाया।

कहा जाता है कि गुरु तेग बहादुर ने इस स्थान को 'गुरु की काशी' के रूप में आशीर्वाद दिया और एक सरोवर की नींव रखी।

गुरु तेग बहादुर के यहाँ ठहरने के दौरान एक चोर रात में गुरु साहिब का घोड़ा चुरा ले गया। क्षेत्र से निकलते समय वह भ्रमित हो गया और रात के अँधेरे में भटक गया।

जब सिख चोर को गुरु तेग बहादुर के सामने लाए, तो वह अपने कृत्य पर लज्जित हुआ और एक वृक्ष पर चढ़कर गिरने से उसने अपने प्राण त्याग दिए।

स्मृति
श्री गुरु तेग बहादुर जी
पता
Kot Dharmu, Mansa, Punjab, India
"
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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