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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा पातशाही छठी अते सातवीं साहिब

दरोली भाई — मोगा, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

दरोली भाई की पंजाब राज्य के मोगा ज़िले में मोगा से लगभग 14 किलोमीटर पश्चिम में स्थित एक गाँव है।

गुरुद्वारा श्री पातशाही छठी अते सातवीं साहिब
दरोली भाई
मोगा  ·  पंजाब

दरोली भाई की पंजाब राज्य के मोगा ज़िले में मोगा से लगभग 14 किलोमीटर पश्चिम में स्थित एक गाँव है।

गुरुद्वारा श्री अंगीठा साहिब माता दामोदरी वहाँ स्थित है जहाँ गुरु हरगोबिंद साहिब की पत्नी और बाबा गुरदित्ता की माता बीबी दामोदरी का अंतिम संस्कार हुआ था। अंतिम संस्कार श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने स्वयं किया।

गुरुद्वारा श्री गुरु हरगोबिंद साहिब अते गुरु हर राय साहिब दरोली भाई की

श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी दरोली भाई की में कई बार पधारे। 1653 में श्री गुरु हर राय साहिब जी भी दरोली भाई की आए और गुरु हरगोबिंद की स्मृति में एक दर्शनी ड्योढ़ी, सरोवर और गुरुद्वारा बनवाया।

गुरुद्वारा श्री गुरु का महल अटारी साहिब उस स्थान को चिह्नित करता है जहाँ श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी अक्सर पधारते और ठहरते थे। यह स्थान भाई साईं दास का घर था। भाई साईं दास ने एक नया घर बनवाया। वह घर बहुत सुंदर बना था और भाई साईं दास चाहते थे कि गुरु हरगोबिंद उसे अपना आशीर्वाद दें।

स्मृति
श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी
पता
Moga Ferozepur Road, Daroli Bhai Ki, Moga, Punjab, India
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वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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