संबद्ध - श्री गुरु तेग बहादुर जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी
गुरु तेग बहादुर बकाला में रहा करते थे और उन्होंने असम, बंगाल और बिहार में सात वर्ष से अधिक (1656-64) बिताए थे। गुरु तेग बहादुर ने तलवंडी साबो और धमतान में भी कुछ समय बिताया।
अप्रैल 1665 के मध्य में गुरु तेग बहादुर कीरतपुर साहिब पधारे। जब गुरु तेग बहादुर कीरतपुर में ही थे, 27 अप्रैल 1665 को बिलासपुर के शासक राजा दीप चंद का निधन हो गया।
बिलासपुर का शासक एक अत्यंत समर्पित सिख था। 10 मई 1665 को गुरु साहिब राजा दीप चंद के लिए अंतिम प्रार्थना करने बिलासपुर गए। गुरु साहिब 13 मई तक वहीं रहे।
तब तक रानी चंपा को पता चल चुका था कि गुरु साहिब ने अपना मुख्यालय धमतान ले जाने का निर्णय लिया है। इससे रानी चंपा निराश हो गईं। रानी चंपा माता नानकी (गुरु साहिब की माता) के पास गईं और उनसे विनती की कि वे गुरु साहिब से कहें कि बिलासपुर रियासत से दूर न जाएँ।