गुरुद्वारा श्री जन्म अस्थान भाई बिधी चंद तरन तारन साहिब ज़िले के गाँव छीना बिधी चंद में स्थित है।
गुरुद्वारा श्री जन्म अस्थान भाई बिधी चंद भाई बिधी चंद के जन्म-स्थान को चिह्नित करता है।
भाई बिधी चंद जी एक सिख थे जिन्होंने श्री गुरु अर्जन साहिब जी और श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी की सेवा की। भाई बिधी चंद जी सिख बनने और अपना आचरण बदलने से पहले चोर थे।
भाई बिधी चंद विशेष रूप से लाहौर के क़िले में मुगलों से दो घोड़ों, गुलबाग और दिलबाग, को वापस लाने के अपने साहसिक कार्यों के लिए याद किए जाते हैं।
इसके बाद गुरु हरगोबिंद ने भाई बिधी चंद जी को यह आशीर्वाद दिया,