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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा टाहली साहिब

मुनक कलां — होशियारपुर, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

गुरुद्वारा श्री टाहली साहिब मुनक खुर्द होशियारपुर ज़िले के गाँव मुनक खुर्द में स्थित है।

गुरुद्वारा श्री टाहली साहिब
मुनक कलां
होशियारपुर  ·  पंजाब

गुरुद्वारा श्री टाहली साहिब मुनक खुर्द होशियारपुर ज़िले के गाँव मुनक खुर्द में स्थित है।

श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी जालंधर के अब्दुल ख़ान को युद्ध में पराजित करने के बाद यहाँ पधारे।

गुरु हरगोबिंद के साथ भाई बिधी चंद जी, भाई भाना जी, भाई डिंगर जी और भाई अनंता जी थे।

गुरु हरगोबिंद ने अपना घोड़ा 'सुहेला' एक टाहली के वृक्ष से बाँधा। जब गुरु साहिब के घोड़े ने अपने 'पौर' (खुर) से ज़मीन पर प्रहार किया तो जल का एक स्रोत फूट पड़ा।

स्मृति
श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी
पता
Munak Khurd, Hoshiarpur, Punjab, India
"
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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