हेमकुंट साहिब (हेमकुंड साहिब भी लिखा जाता है) भारतीय राज्य उत्तराखंड में स्थित एक पूज्य सिख तीर्थ स्थल है, जो हिमालय में लगभग 4,633 मीटर (15,200 फ़ीट) की ऊँचाई पर बसा है। यह दुनिया के सबसे ऊँचे गुरुद्वारों (सिख मंदिरों) में से एक है और सिखों के लिए गहरा आध्यात्मिक महत्व रखता है।
हेमकुंट साहिब का उल्लेख दसवें सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी की आत्मकथा बचित्तर नाटक में मिलता है। ग्रंथ के अनुसार, यह वह स्थान है जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने पिछले जन्म में ध्यान किया था।
हेमकुंट नाम का अर्थ है “बर्फ़ की झील।”
माना जाता है कि यह गुरु का तपस्थान (ध्यान स्थल) है।
गुरुद्वारा 20वीं सदी में उस स्थान की पहचान गुरु की रचनाओं के आधार पर होने के बाद बनाया गया।
तारे के आकार का गुरुद्वारा: अनूठी आधुनिक वास्तुकला जो प्राकृतिक परिवेश की पूरक है।
सरोवर (हिमनद झील): तीर्थयात्री गुरुद्वारे के पास की बर्फ़ीली झील में डुबकी लगाते हैं।
आसपास की चोटियाँ: बर्फ़ से ढके पर्वत इसे दृश्य रूप से अद्भुत स्थान बनाते हैं।