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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल
गुरुद्वारे हरिद्वार में
उत्तराखंड
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

हरिद्वार की संगत तीन पावन स्थलों पर एकत्र होती है, जिनमें से प्रत्येक गंगा तट की इस प्राचीन नगरी में गुरु साहिबान की यात्राओं का अपना अध्याय समेटे है।

गुरुद्वारा श्री अमर दास जी साहिब
गुरुद्वारा श्री अमर दास जी साहिब
स्थान: कनखल, हरिद्वार, उत्तराखंड

उन वर्षों का स्मारक जो गुरु अमर दास जी ने गुरु नानक देव जी के अनुयायी बनने से पहले यहाँ तीर्थयात्रा और प्रार्थना में बिताए।

गुरुद्वारा श्री ज्ञान गोदड़ी साहिब
गुरुद्वारा श्री ज्ञान गोदड़ी साहिब
स्थान: हर की पौड़ी, हरिद्वार, उत्तराखंड

जहाँ गुरु नानक देव जी ने स्नान करते तीर्थयात्रियों को सिखाया कि केवल कर्मकांड दिवंगतों तक नहीं पहुँच सकता।

गुरुद्वारा श्री संत सागर बावली साहिब
गुरुद्वारा श्री संत सागर बावली साहिब
स्थान: गेंडीखाता, हरिद्वार, उत्तराखंड

जहाँ गुरु नानक देव जी ने तीन माह से अधिक समय ध्यान किया और स्थानीय लोगों को एक पावन बावली भेंट की।

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वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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