गुरुद्वारा श्री पातशाही 6 ढंड, अमृतसर ज़िले के ढंड गाँव में, अमृतसर – गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा जी मार्ग पर स्थित है।
भाई लंगाह जी, जो छठी पातशाही श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के सेनापति रहे, ढंड गाँव, ढिल्लों कलां के निवासी थे। उम्र बढ़ने पर वे गुरु साहिब की सेवा से निवृत्त होकर अपने गाँव ढंड में बस गए। जीवन के अंतिम वर्षों में उनकी सबसे बड़ी अभिलाषा गुरु साहिब से मिलने की थी, इसलिए वे अपना अधिकांश समय उनकी भक्ति और स्मरण में बिताते थे।
एक दिन गुरु साहिब ने इस सच्चे सिख से मिलने जाने का निश्चय किया, जो अधिक उम्र के कारण उनसे मिलने नहीं आ सकता था। अपने घोड़े पर सवार होकर गुरु साहिब पधारे, भाई लंगाह जी से मिले और उन्हें आशीर्वाद दिया। गुरु साहिब ने इसी स्थान पर एक पीपल के वृक्ष से अपना घोड़ा बाँधा।
इस पधारने की स्मृति में गुरुद्वारा पीपल साहिब, छठी पातशाही की स्थापना की गई। यह गुरुद्वारा उस आशीर्वाद के लिए भी जाना जाता है जो गुरु साहिब ने भाई लंगाह जी और गाँववासियों को प्रदान किया।