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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा भाई सल्हो दा टोभा साहिब

अमृतसर — अमृतसर, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

संबद्ध - श्री गुरु रामदास जी, श्री गुरु अर्जन साहिब जी

गुरुद्वारा श्री भाई सल्हो दा टोभा साहिब
अमृतसर
अमृतसर  ·  पंजाब

संबद्ध - श्री गुरु रामदास जी, श्री गुरु अर्जन साहिब जी

भाई सल्हो जी, गुरु रामदास जी, गुरु अर्जन साहिब जी और गुरु हरगोबिंद साहिब जी के समय के एक सुप्रसिद्ध और महत्वपूर्ण सिख थे।

भाई सल्हो का जन्म 29 सितंबर 1554 को पंजाब के मुक्तसर साहिब ज़िले के गाँव दौला किंगरा में भाई दयाला जी और माता सुखदेई जी के घर हुआ। यह परिवार पंजाब के मालवा क्षेत्र का ढिल्लों जट्ट परिवार था।

भाई सल्हो के माता-पिता मूलतः पीर सखी सरवर (सुल्तानिया) के अनुयायी थे। गुरु रामदास जी (1574-1581) के दर्शन करने के बाद भाई सल्हो के माता-पिता सिख बन गए।

भाई सल्हो के माता-पिता पंजाब के अमृतसर ज़िले के गाँव मजीठा चले गए और वहीं बस गए। किंतु उस समय युवा भाई सल्हो गुरु साहिब के पास अमृतसर में ही रहे, जो तब गुरु का चक के नाम से जाना जाता था। भाई सल्हो निष्काम सेवा और सिमरन किया करते थे।

स्मृति
श्री गुरु अर्जन देव जी
पता
Shastri Market, Katra Ahluwalia, Amritsar City, Punjab, India
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वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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