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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा छोटा गुरुसर साहिब

महिराज — बठिंडा, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

महिराज पंजाब के बठिंडा ज़िले का एक कस्बा है। महिराज की स्थापना 1627 में सिद्धू गोत्र के जट्ट भाई मोहन (मृत्यु 1630) ने श्री गुरु हरगोबिंद जी की सहायता से की थी।

गुरुद्वारा श्री छोटा गुरुसर साहिब
महिराज
बठिंडा  ·  पंजाब

महिराज पंजाब के बठिंडा ज़िले का एक कस्बा है। महिराज की स्थापना 1627 में सिद्धू गोत्र के जट्ट भाई मोहन (मृत्यु 1630) ने श्री गुरु हरगोबिंद जी की सहायता से की थी।

सिख परंपरा के अनुसार भाई मोहन और उनका परिवार इस क्षेत्र में बसना चाहते थे, किंतु स्थानीय प्रभुत्वशाली कबीले भुल्लरों ने विरोध किया।

मोहन ने गुरु हरगोबिंद जी का आशीर्वाद माँगा और अपने परदादा के नाम पर महिराज नामक गाँव बसाने में सफल हुए।

भुल्लरों ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, किंतु गुरु हरगोबिंद जी की सहायता से खदेड़ दिए गए।

गुरुसर का युद्ध श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी द्वारा 1631 में महिराज के निकट लाला बेग और क़मर बेग के साथ लड़ा गया तीसरा युद्ध था। भारी असमानता के बावजूद इस युद्ध में मुगलों को पूरी तरह कुचल दिया गया।

स्मृति
श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी
पता
Mehraj, Bathinda, Punjab, India
"
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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