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सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा हरगोबिंद साहिब

सिधवां कलां — लुधियाना, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब को गुरुद्वारा श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के नाम से भी जाना जाता है।

गुरुद्वारा श्री हरगोबिंद साहिब
सिधवां कलां
लुधियाना  ·  पंजाब

गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब को गुरुद्वारा श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के नाम से भी जाना जाता है।

श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी दरोली भाई की से यहाँ पधारे। गुरु हरगोबिंद संगत के अनुरोध पर यहाँ आए और गाँव के तालाब के पास डेरा डाला।

गुरु हरगोबिंद ने इस गाँव को आशीर्वाद दिया और लोगों को यहाँ बसने में सहायता की। गुरु हरगोबिंद यहाँ दीवान सजाते और संगत को संबोधित करते थे।

गुरु साहिब का घोड़ा एक किल्ले से बाँधा गया जो बढ़कर पीपल का वृक्ष बन गया। गुरुद्वारे के नीचे एक भोरा साहिब गुरु हरगोबिंद के आगमन के मूल स्थान को चिह्नित करता है।

भाई अछरा सिंह के परिवार ने गुरु हरगोबिंद से अपने घर पधारने का आग्रह किया। गुरुद्वारा श्री लंगर साहिब भाई अछरा सिंह के घर के स्थान को चिह्नित करता है, जहाँ गुरु हरगोबिंद ने लंगर छका होगा।

स्मृति
श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी
पता
Sidhwan Kalan, Punjab 142024, India
"
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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