EN|हिन्दी|ਪੰਜਾਬੀ
सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा हरसर साहिब

दोद — फ़रीदकोट, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

गाँव दोद जैतो शहर से 13 किमी बाहर, जैतो-बरनाला मार्ग के किनारे स्थित है।

गुरुद्वारा श्री हरसर साहिब
दोद
फ़रीदकोट  ·  पंजाब

गाँव दोद जैतो शहर से 13 किमी बाहर, जैतो-बरनाला मार्ग के किनारे स्थित है।

श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी मालवा क्षेत्र की यात्राओं के दौरान इस स्थान पर पधारे।

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी आलमगीर से 'खिदराणे की ढाब' (जो अब मुक्तसर साहिब के नाम से जाना जाता है) की ओर जाते हुए इस स्थान पर पधारे।

श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी मेहराज के युद्ध के बाद यहाँ पधारे और यहाँ से दरोली भाई की गए।

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी आलमगीर से 'खिदराणे की ढाब' (जो अब मुक्तसर साहिब के नाम से जाना जाता है) की ओर जाते हुए इस स्थान पर पधारे। कहा जाता है कि गुरु जी जलाल नामक एक निकटवर्ती गाँव से होकर आए। इसके बाद गुरु गोबिंद सिंह दोपहर वहाँ बिताने के लिए गाँव वंडर गए।

स्मृति
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी
पता
Dod, Faridkot, Punjab, India
"
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
इस पृष्ठ को साझा करें