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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा अकालगढ़ साहिब

लंबवाली — फ़रीदकोट, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

संबद्ध - श्री गुरु नानक साहिब जी, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी

गुरुद्वारा श्री अकालगढ़ साहिब
लंबवाली
फ़रीदकोट  ·  पंजाब

संबद्ध - श्री गुरु नानक साहिब जी, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी

जब गुरु नानक लंबवाली पधारे तो उन्होंने भाई मरदाना से पास के एक साधु से जल लाने को कहा। साधु ने सहायता करने से मना कर दिया।

भाई मरदाना तीन बार साधु के पास गए, पर हर बार साधु ने जल देने से मना कर दिया। चौथी बार गुरु नानक भाई मरदाना के साथ गए। गुरु नानक ने साधु से कहा, 'साधु, तुम अजगर (सरल) की तरह बैठे हो और आने-जाने वालों को जल तक नहीं पिला सकते'।

गुरु नानक के वचन सुनकर साधु घबरा गया, उसे श्राप लगा हुआ था। साधु गुरु नानक के चरणों में गिर पड़ा और बोला, 'मुझे पता है कि मुझे श्राप मिला है, मैं कैसे बचूँगा?' गुरु नानक ने कहा कि वे अपने छठे रूप में लौटकर उसे मुक्त करेंगे।

मेहराज के युद्ध के बाद गुरु हरगोबिंद साहिब जी अपनी पुत्री के निकटवर्ती गाँव मल्ला पधारे, जहाँ

स्मृति
श्री गुरु नानक देव जी
पता
Lambwali, Faridkot, Punjab, India
"
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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