संबद्ध - श्री गुरु नानक साहिब जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी
श्री गुरु नानक साहिब जी और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी दोनों अलग-अलग समय पर कोलायत पधारे।
गुरु नानक साहिब दक्षिण की अपनी दूसरी उदासी के दौरान कोलायत पधारे। यहीं गुरु जी ने कुछ जैनों से बात की, जिन्हें ढूँढ़िया कहा जाता था। गुरु नानक दक्षिण की अपनी उदासी के दौरान कई बार जैनों से मिले।
गुरु नानक ने समझाया कि मनुष्य को हृदय, मन और आत्मा से शुद्ध होना चाहिए और अस्वच्छ रहना कोई पुण्य का कार्य नहीं है। अस्वच्छ रहने से तरह-तरह की बीमारियाँ शुरू होती हैं और यह दूसरे लोगों के लिए सुरक्षित नहीं होगा।
गुरु नानक बीकानेर से कोलायत आए और राजस्थान के अन्य भागों की ओर अपनी यात्रा जारी रखी।