पोह माह और साका सरहिंद का स्मरण
सफ़र-ए-शहादत पोह माह के उस गंभीर सप्ताह को चिह्नित करता है जो श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार के सर्वोच्च बलिदानों का स्मरण कराता है। आनंदपुर साहिब के त्याग और चमकौर साहिब के युद्ध से लेकर चार साहिबज़ादों (बाबा अजीत सिंह जी, बाबा जुझार सिंह जी, बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फ़तेह सिंह जी) तथा माता गुजरी जी की शहादत तक, यह यात्रा विश्व इतिहास में आस्था, साहस और धर्मपरायणता का अद्वितीय प्रमाण है।