बरनाला ज़िले के गाँव गहल में स्थित गुरुद्वारा साहिब सातवें गुरु, श्री गुरु हर राय साहिब जी के आगमन की स्मृति में है।
गुरु हर राय साहिब जी वर्तमान बठिंडा ज़िले के मेहराज की ओर यात्रा करते हुए दो हज़ार दो सौ घुड़सवारों के साथ इस स्थान पर आए। सातवें गुरु ने अपने दादा श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी द्वारा स्थापित परंपरा के अनुसार घुड़सवारों का एक दल रखा, यद्यपि उन्होंने उन्हें युद्ध में नहीं उतारा।
इस पावन स्थान का विस्तृत इतिहास गुरुद्वारे में लगे सूचना-पट्ट पर दर्ज है।