गुरुद्वारा श्री जंडसर साहिब बरनाला ज़िले के गाँव ठुल्लीवाल में स्थित है और मालवा क्षेत्र में नौवें गुरु की यात्राओं के दौरान श्री गुरु तेग बहादुर जी के आगमन की स्मृति में है।
जंडसर नाम में जुड़े हैं जंड, इस देश का कठोर मरुस्थलीय वृक्ष, और सर, अर्थात् सरोवर — मालवा में जहाँ-जहाँ गुरु साहिब ऐसे किसी वृक्ष की छाया में जल के किनारे रुके, वहाँ यही नाम दोहराया गया। इसी कारण इस क्षेत्र के कई पावन स्थान यह नाम धारण करते हैं।
इस पावन स्थान का विस्तृत इतिहास गुरुद्वारे में लगे सूचना-पट्ट पर दर्ज है।