युद्ध-स्थल: वह ऐतिहासिक स्थान जहाँ 7/22 दिसंबर 1704 को चमकौर के दूसरे युद्ध के दौरान सबसे भीषण लड़ाई हुई। यहीं गुरु गोबिंद सिंह जी के बड़े साहिबज़ादे बाबा अजीत सिंह और बाबा जुझार सिंह, मूल पंज प्यारों में से तीन और लगभग 38–40 खालसा सिखों ने शहादत प्राप्त की
अंतिम संस्कार स्थल: बीबी शरण कौर ने साहिबज़ादों सहित शहीदों का अंतिम संस्कार साहसपूर्वक किया, जो उनकी अपार श्रद्धा को दर्शाता है। उनके पैतृक गाँव रायपुर में अब गुरुद्वारा श्री बीबी शरण कौर जी स्थित है
अन्य नाम: शहीद गंज साहिब ("शहीदों का पावन स्थान") के नाम से भी जाना जाता है