संबद्ध - श्री गुरु नानक साहिब जी, श्री गुरु अर्जन साहिब जी, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, बाबा श्री चंद
बाबा श्री चंद जी का जन्म 1494 में सुल्तानपुर लोधी में माता सुलखणी जी और श्री गुरु नानक साहिब जी के घर हुआ। गुरु नानक की बहन बीबी नानकी ने श्री चंद जी को अपने पुत्र के रूप में अपनाया।
जब श्री गुरु नानक साहिब जी अपनी प्रचार-यात्राओं (जिन्हें उदासियाँ कहा जाता है) पर निकले, तब बाबा श्री चंद जी अपने छोटे भाई बाबा लखमी दास जी और माता सुलखणी जी के साथ पखोके रंधावे आए, जहाँ माता सुलखणी जी के माता-पिता रहा करते थे।
जब श्री गुरु नानक साहिब जी अपने जीवन के उत्तरार्ध में करतारपुर (अब पाकिस्तान में) बस गए, तो पूरा परिवार वहीं चला गया। गुरु नानक के परमात्मा में लीन हो जाने के बाद बाबा श्री चंद जी उस स्थान पर गए जहाँ गुरुद्वारा डेरा बाबा नानक स्थित है। किंतु बाबा जी को एकांत प्रिय था।
गुरु नानक की माता, माता तृप्ता, गाँव बारठ की थीं। इसलिए बाबा श्री चंद जी बारठ चले गए और वहाँ एक कुटिया स्थापित की। उस समय इस स्थान पर घना जंगल था। इस एकांत स्थान को देखकर बाबा जी ध्यान-साधना करने लगे और काफ़ी समय तक इसी स्थान पर रहे।