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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा बावली साहिब

गोइंदवाल साहिब — तरन तारन, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

संबद्ध - श्री गुरु अमरदास जी, श्री गुरु रामदास जी, श्री गुरु अर्जन साहिब जी, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, श्री गुरु हर राय साहिब जी, श्री गुरु तेग बहादुर जी

गुरुद्वारा श्री बावली साहिब
गोइंदवाल साहिब
तरन तारन  ·  पंजाब

संबद्ध - श्री गुरु अमरदास जी, श्री गुरु रामदास जी, श्री गुरु अर्जन साहिब जी, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, श्री गुरु हर राय साहिब जी, श्री गुरु तेग बहादुर जी

गोइंदवाल साहिब पंजाब में तरन तारन साहिब से 23 किमी की दूरी पर स्थित एक सुंदर नगर है।

गोइंदवाल साहिब नगर का सिखी में अत्यंत महत्व है और श्री गुरु अमरदास जी के गुरुकाल में 16वीं सदी से यह सिखों का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यह नगर ब्यास नदी के किनारे स्थित है।

श्री गुरु अमरदास जी (तीसरे गुरु या तीसरे नानक) गोइंदवाल में 33 वर्ष रहे, जहाँ उन्होंने सिख धर्म के प्रचार का एक नया केंद्र स्थापित किया।

गुरु अमरदास ने सिख धर्म को दूर-दराज़ के स्थानों तक पहुँचाने की एक नई व्यवस्था भी विकसित की, जिसे मंजी प्रणाली कहा जाता है; सिखों के लिए उन्होंने सती प्रथा (हिंदू विधवा को उसके मृत पति की चिता पर जलाने की रस्म, जिसे हिंदू आज भी मानते हैं) बंद कराई, गोइंदवाल में आनंद साहिब बाणी की रचना की और सिखी में कई अन्य योगदान दिए।

स्मृति
श्री गुरु अमरदास जी
पता
Goindwal Sahib, Tarn Taran, Punjab, India
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वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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