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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा अंब साहिब

भरोवाल — तरन तारन, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

संबद्ध - श्री गुरु अमरदास जी, श्री गुरु रामदास जी

गुरुद्वारा श्री अंब साहिब
भरोवाल
तरन तारन  ·  पंजाब

संबद्ध - श्री गुरु अमरदास जी, श्री गुरु रामदास जी

तीसरे सिख गुरु होने के साथ-साथ गुरु अमरदास एक महान समाज-सुधारक भी थे।

गुरु अमरदास ने गुरुद्वारों में आने वाले सभी लोगों से कहा कि गुरु के दर्शन से पहले सब एक साथ लंगर छकें। "पहले पंगत, फिर संगत"।

गुरु अमरदास ने स्त्रियों का दर्जा ऊँचा उठाया और उन्हें पुरुषों के बराबर अधिकार दिए। उन्होंने सती प्रथा (पति की चिता पर पत्नी का मरना), "पर्दा" (चेहरा ढकने का घूँघट) आदि पर सख़्त पाबंदी लगाई।

गुरु अमरदास ने सिख संगतों के बढ़ते आकार के प्रबंधन के लिए मंजी नामक एक प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की।

स्मृति
श्री गुरु अमरदास जी
पता
Bharowal, Tarn Taran, Punjab, India
"
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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