गुरुद्वारा श्री दूध वाला खूह साहिब (दूध के कुएँ का गुरुद्वारा) नानकमत्ता के मुख्य तीर्थ के निकट, उस कुएँ के बगल में स्थित है जिस पर गुरु नानक देव जी कभी बैठे थे। जब सिद्ध योगियों ने अपनी शक्तियों से इलाके की हर गाय और भैंस का दूध सुखा दिया और फिर गुरु साहिब से उन्हें दूध देने को कहा, तो गुरु साहिब ने भाई मरदाना जी से इसी कुएँ से सीधे दूध का एक कटोरा भरवाया।
सिद्धों ने कटोरे से मन भरकर पिया, फिर भी जब भी देखा उसे भरा ही पाया, और कुएँ में झाँकने पर उसे दूध से लबालब पाया। नतमस्तक होकर उन्होंने गुरु साहिब के सम्मुख शीश झुकाया। कहा जाता है कि इस कुएँ पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को संतान का आशीर्वाद मिलता है।