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सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा श्री दूध वाला खूह साहिब

उत्तराखंड
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के निकट का पावन कुआँ, जिससे भाई मरदाना जी ने गुरु नानक देव जी के वचन पर कभी न खत्म होने वाला दूध का कटोरा भरा।

गुरुद्वारा श्री दूध वाला खूह साहिब
नानकमत्ता  ·  ऊधम सिंह नगर  ·  उत्तराखंड

गुरुद्वारा श्री दूध वाला खूह साहिब (दूध के कुएँ का गुरुद्वारा) नानकमत्ता के मुख्य तीर्थ के निकट, उस कुएँ के बगल में स्थित है जिस पर गुरु नानक देव जी कभी बैठे थे। जब सिद्ध योगियों ने अपनी शक्तियों से इलाके की हर गाय और भैंस का दूध सुखा दिया और फिर गुरु साहिब से उन्हें दूध देने को कहा, तो गुरु साहिब ने भाई मरदाना जी से इसी कुएँ से सीधे दूध का एक कटोरा भरवाया।

सिद्धों ने कटोरे से मन भरकर पिया, फिर भी जब भी देखा उसे भरा ही पाया, और कुएँ में झाँकने पर उसे दूध से लबालब पाया। नतमस्तक होकर उन्होंने गुरु साहिब के सम्मुख शीश झुकाया। कहा जाता है कि इस कुएँ पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को संतान का आशीर्वाद मिलता है।

पता
Gurudwara Sri Nanakmatta, Sitarganj Khatima Road, Udham Singh Nagar, Uttarakhand
ज़िला
ऊधम सिंह नगर
संबद्ध
गुरु नानक देव जी, भाई मरदाना जी
"
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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