गुरु 11
गुरु ग्रंथ साहिब (जिसे आदि ग्रंथ भी कहा जाता है) सिखों का धर्मग्रंथ है। कोई भी सिख समारोह तब तक संपूर्ण नहीं माना जाता जब तक वह गुरु ग्रंथ साहिब की उपस्थिति में संपन्न न हो। यह ग्रंथ गुरमुखी लिपि में लिखा गया है और इसमें सिख गुरुओं द्वारा उच्चारित वास्तविक शब्द एवं वाणियाँ सम्मिलित हैं।
इसे किसी भी जीवित व्यक्ति के बजाय सिख धर्म का सर्वोच्च आध्यात्मिक प्राधिकार एवं प्रमुख माना जाता है। यह अपनी तरह का एकमात्र धर्मग्रंथ भी है, जिसमें न केवल अपने धार्मिक संस्थापकों की रचनाएँ हैं, बल्कि अन्य धर्मों के लोगों की वाणियाँ भी सम्मिलित हैं। सिखों के जीवंत गुरु के रूप में, इस ग्रंथ को सिखों द्वारा अत्यंत श्रद्धा की दृष्टि से देखा जाता है और परम सम्मान के साथ रखा जाता है।
गुरु ग्रंथ साहिब एक दिव्य प्रकाशना का ग्रंथ है। यह पृथ्वी पर अपने संदेशवाहकों के माध्यम से स्वामी के वचन को प्रसारित करता है। इसका दायरा सार्वभौमिक है। गुरु ग्रंथ साहिब की महानता केवल इस बात में नहीं है कि यह सिखों का पवित्र धर्मग्रंथ है, बल्कि इस बात में भी है कि यह संपूर्ण मानवजाति के लिए उपलब्ध एक सर्वसाधारण धर्मग्रंथ है, जो सर्वत्र सभी के लिए है।