गुरुद्वारा श्री पातशाही नौवीं बरनाला ज़िले के गाँव ढिलवां में स्थित है, और मालवा में नौवें गुरु की यात्राओं के दौरान श्री गुरु तेग बहादुर जी के आगमन की स्मृति में है।
दिल्ली में शहादत से पूर्व के वर्षों में गुरु तेग बहादुर जी इस देश में गाँव-गाँव घूमते रहे, दीवान सजाते रहे और जहाँ भी कोई घर उन्हें स्वीकार करता, वहाँ संगत को उपदेश देते रहे। ढिलवां बरनाला ज़िले के उन अनेक गाँवों में से एक है जो उन यात्राओं की स्मृति को सँजोए हुए हैं, और यहाँ एक दूसरा ऐतिहासिक पावन स्थान, गुरुद्वारा श्री कैलों साहिब, भी स्थित है।
इस पावन स्थान का विस्तृत इतिहास गुरुद्वारे में लगे सूचना-पट्ट पर दर्ज है।