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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा देगसर साहिब

कटाणा — लुधियाना, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

संबद्ध - श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी

गुरुद्वारा श्री देगसर साहिब
कटाणा
लुधियाना  ·  पंजाब

संबद्ध - श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी

गुरुद्वारा देगसर साहिब, जो लोकप्रिय रूप से गुरुद्वारा कटाणा साहिब के नाम से जाना जाता है, लुधियाना ज़िले के कटाणा गाँव में जीटी रोड के पास सरहिंद नहर के किनारे स्थित है।

श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी इस स्थान पर 20 फागुन (1618 ईस्वी) को पधारे। गुरु हरगोबिंद के साथ 7 तोपें, 1100 घुड़सवार और चंदू क़ैदी (जो गुरु अर्जन साहिब की शहादत में शामिल था) थे।

गुरु हरगोबिंद ने यहाँ एक रात विश्राम किया और अपना घोड़ा एक 'बेर' के वृक्ष से बाँधा।

गुरु गोबिंद सिंह जी भी 1705 में माछीवाड़ा से आलमगीर जाते हुए इस स्थान पर पधारे। 'उच्च दा पीर' के वेश में गुरु गोबिंद सिंह के साथ भाई दया सिंह, भाई धर्म सिंह, भाई मान सिंह और दो मुस्लिम भाई, भाई नबी ख़ान और भाई गनी ख़ान थे, जो उनकी पालकी उठाने की सेवा कर रहे थे।

स्मृति
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी
पता
Katana, Ludhiana, Punjab, India
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वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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