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सिख्स इन इंडिया का लोगो
सिख विरासत एवं पवित्र स्थल

गुरुद्वारा चरण कमल साहिब

बंगा — नवांशहर, पंजाब
आस्था  ·  सेवा  ·  संगत  ·  विरासत

संबद्ध - श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, श्री गुरु हर राय साहिब जी, श्री गुरु तेग बहादुर जी

गुरुद्वारा श्री चरण कमल साहिब
बंगा
नवांशहर  ·  पंजाब

संबद्ध - श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, श्री गुरु हर राय साहिब जी, श्री गुरु तेग बहादुर जी

पैंदे ख़ान को पराजित कर करतारपुर का अंतिम युद्ध जीतने के बाद श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी कीरतपुर जाते हुए जिंदोवाल आए।

गुरु हरगोबिंद अपने परिवार के साथ यहाँ आए, जिसमें बाबा गुरदित्ता, भावी श्री गुरु हर राय साहिब जी, भावी श्री गुरु तेग बहादुर जी और माता नानकी जी शामिल थे। वे यहाँ से पधारे थे

गुरु हरगोबिंद यहाँ लगभग एक महीना ठहरे और उनके घायल घोड़े सुहेला का भी यहीं इलाज चलता रहा।

भाई जीना जी नामक एक सिख की भैंसें दूध नहीं दे रही थीं। गुरु जी के पधारने के बाद भैंसें दूध देने लगीं। भाई जीना की सेवा की स्मृति में इस क्षेत्र का नाम जिंदोवाल पड़ा।

स्मृति
श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी
पता
Jindowal, Banga Town, Nawanshahr, Punjab, India
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वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह — खालसा सर्वशक्तिमान का है, और विजय भी उन्हीं की है।
— सिख अभिवादन
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