गुरुद्वारा श्री गुरु नानक साहिब, सुनाम संगरूर ज़िले के सुनाम शहर में स्थित है।
1509 में श्री गुरु नानक साहिब जी भाई मरदाना के साथ मूनक से सुनाम पहुँचे और सुनाम के बाहर हंसना नदी के पास विश्राम किया।
एक ब्राह्मण ने गुरु नानक को अपने घर पधारने का निमंत्रण दिया। ब्राह्मण के घर में उसकी वृद्ध माता ने गुरु नानक की बड़े आदर और श्रद्धा से सेवा की।
वहाँ चार दिन ठहरने के बाद गुरु नानक संगरूर की ओर चले, जहाँ गुरु जी उस स्थान पर रुके जहाँ गुरुद्वारा श्री ननकाणा साहिब मंगवाल स्थित है, और फिर आगे सुल्तानपुर लोधी की ओर बढ़े।